नशे के खिलाफ एकजुट होकर आगे आए संत समाज, पंजाब की पवित्र धरती को नशामुक्त बनाने का लिया संकल्प

जालंधर/चंडीगढ़ (गोपाल महेन्द्रू) : पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागृति यात्रा जल्द शुरू की जाएगी। ब्रह्म ऋषि आश्रम, चंडीगढ़ के संचालक स्वामी डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती को नशामुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए समस्त संत समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने सामाजिक जागरूकता को समय की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
पंजाब में नशे के खिलाफ जनजागृति यात्रा की तैयारी
ब्रह्म ऋषि आश्रम, चंडीगढ़ के संचालक स्वामी डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज के बावा लाल दयाल मंदिर परिसर पहुंचने पर श्री धाम अयोध्या जी एवं जालंधर पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत केशव दास महाराज ने उनका भव्य स्वागत किया और सम्मानित किया। इस दौरान दोनों संतों के बीच पंजाब प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों, युवाओं पर नशे के बढ़ते प्रभाव और समाज में जनजागृति लाने के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बैठक में पंजाब की खुशहाली, युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य और समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संतों ने इस बात पर विचार किया कि आध्यात्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से लोगों को जागरूक करने की दिशा में प्रभावी पहल कैसे की जा सकती है।
नशामुक्त पंजाब के लिए संत समाज की एकजुटता जरूरी
डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज ने कहा कि अब समय आ गया है कि पंजाब प्रदेश का समस्त साधु-संत समाज एक मंच पर आकर प्रदेश की खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की समस्या का असर युवाओं के भविष्य, परिवारों की खुशहाली और समाज की प्रगति पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती को नशे के संकट से मुक्त करने के लिए केवल किसी एक संस्था या संगठन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए संत समाज, सामाजिक संगठनों, परिवारों और आम नागरिकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। सामूहिक प्रयासों और निरंतर जागरूकता के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जाएगा जागरूक
डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें शिक्षा, संस्कार, सकारात्मक सोच तथा सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए परिवारों और धार्मिक संस्थाओं को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संत समाज अपनी आध्यात्मिक शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर सकता है। युवाओं को सही मार्गदर्शन देना, परिवारों को जागरूक करना और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहेगा।
जल्द शुरू होगी पंजाब स्तरीय जनजागृति यात्रा
डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज ने जानकारी दी कि जल्द ही पंजाब प्रदेश के संत समाज द्वारा जनजागृति यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा प्रदेश में सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना होगा।
इस पहल के माध्यम से नशे की समस्या के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सामूहिक जिम्मेदारी का एहसास कराने का प्रयास किया जाएगा। जनजागृति यात्रा को पंजाब में नशामुक्ति के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
यात्रा के माध्यम से संत समाज लोगों को यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि नशे से दूर रहना, युवाओं को सही मार्गदर्शन देना और जरूरतमंद लोगों को सहयोग उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।
महंत केशव दास महाराज ने संत समाज की एकता पर दिया जोर
महंत केशव दास महाराज ने डॉ. दिनेश्वरा नंद महाराज का स्वागत करते हुए संत समाज की एकता और सामाजिक सरोकारों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए आध्यात्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दोनों संतों की इस मुलाकात को पंजाब प्रदेश में नशे के विरुद्ध जनजागृति अभियान को गति देने और संत समाज को साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए आम लोगों से अपील
दोनों संतों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने, परिवारों में जागरूकता बढ़ाने और प्रदेश को खुशहाल बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने सामूहिक सहयोग, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक सोच को इस दिशा में आवश्यक बताया।
संत समाज की एकजुटता और जनसहयोग से पंजाब में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है। प्रस्तावित जनजागृति यात्रा के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचाने और एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा खुशहाल पंजाब के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया गया।




