
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू नई दिल्ली पहुंच गए हैं। अपने दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के समक्ष हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएंगे। मंगलवार को उनकी केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों को हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों, वन भूमि, ब्यास नदी की ड्रेजिंग और वित्तीय सहायता जैसे मुद्दे केंद्र के सामने रखे जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू उठाएंगे ब्यास नदी की ड्रेजिंग का मुद्दा
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक में कुल्लू, मनाली से लेकर मंडी तक ब्यास नदी की ड्रेजिंग का मामला प्रमुखता से उठाया जाएगा। बरसात और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ब्यास नदी में भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ और नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
इस संबंध में पहले ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के सामने इस विषय को रखकर आवश्यक मंजूरी और सहयोग की मांग कर सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि नदी के प्रवाह को बेहतर बनाने तथा आपदा के खतरे को कम करने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएं।
आपदा प्रभावितों के लिए वन भूमि आवंटन पर भी चर्चा
बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों को वन भूमि आवंटित करने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। वर्तमान में वन संरक्षण कानून लागू होने के कारण राज्य सरकार के पास इस तरह की भूमि आवंटित करने का सीधा अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से इस मामले में आवश्यक राहत और अनुमति की मांग कर सकते हैं, ताकि आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास की प्रक्रिया को गति मिल सके। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं और उनके पुनर्वास के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की निर्मला सीतारमण से अहम मुलाकात
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सबसे महत्वपूर्ण मुलाकात मंगलवार शाम केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ होने वाली है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति और केंद्र से मिलने वाली सहायता से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है।
मुख्यमंत्री केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के तहत घोषित 1500 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का मुद्दा भी उठा सकते हैं। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए प्राइड ऑफ हिल्स फंड में अतिरिक्त आवंटन की मांग भी रखी जा सकती है।
केंद्र की ओर से घोषित लोन लिमिट का इस्तेमाल हो जाने के बाद हिमाचल प्रदेश को अतिरिक्त वित्तीय मदद की आवश्यकता है। ऐसे में वित्त मंत्री के साथ मुख्यमंत्री की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
नितिन गडकरी और सीआर पाटिल से भी मुलाकात संभव
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भी मुलाकात कर सकते हैं। दोनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली संभावित बैठकों के लिए अलग-अलग एजेंडा तैयार किया गया है।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक संबंधित मंत्रालयों की ओर से इन बैठकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। यदि बैठकें होती हैं तो हिमाचल की सड़क, परिवहन, जल संसाधन और अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ अधिकारियों की टीम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ इस बार राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी दिल्ली पहुंची है। मुख्य सचिव केके पंत, प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में मौजूद हैं।
अधिकारियों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ प्रस्तावित बैठकों के लिए आवश्यक दस्तावेज और एजेंडा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा केवल राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कई मंत्री भी दिल्ली में मौजूद
मुख्यमंत्री के अलावा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान और कृषि मंत्री चंद्र कुमार भी दिल्ली दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ से संबंधित बैठक के लिए भी बुलाया गया था, हालांकि यह बैठक अब टल गई है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर साक्षरता दिवस के अवसर पर भारत सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। हिमाचल प्रदेश ने साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है और राज्य की उपलब्धियों को इस कार्यक्रम में भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का यह दिल्ली दौरा हिमाचल प्रदेश के वित्तीय, पर्यावरणीय, आपदा राहत, सड़क और विकास से जुड़े मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों और उनमें लिए जाने वाले फैसलों पर रहेंगी।




