
जालंधर (गोपाल महेन्द्रू)। गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्री सिद्ध मनोकामना हनुमान मंदिर, मंडी फैंटनगंज, रेलवे रोड में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर के परमाध्यक्ष श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर महादेव बंसीदास महाराज ने अपने पूज्य गुरुदेव साकेतवासी भक्ति दास जी महाराज की प्रतिमा पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पुष्प अर्पित किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह आयोजन भक्तों के लिए केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का प्रतीक बन गया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर अपने जीवन में गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का अद्भुत संगम: गुरुदेव की प्रतिमा पर विशेष पूजन
महामंडलेश्वर महादेव बंसीदास महाराज ने अपने पूज्य गुरुदेव साकेतवासी भक्ति दास जी महाराज की प्रतिमा पर मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति गीत, मंत्रोच्चार और जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने फूल अर्पित कर गुरु चरणों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने महामंडलेश्वर बंसीदास महाराज का तिलक कर पुष्पमालाएं अर्पित कीं तथा गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। कई श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और गुरु चरणों में प्रणाम कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और गुरु भक्ति के महत्व को आत्मसात किया।

महामंडलेश्वर बंसीदास महाराज ने बताया गुरु का महत्व
अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर बंसीदास महाराज ने कहा कि गुरु ही मनुष्य के जीवन के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना आध्यात्मिक उन्नति संभव नहीं है। गुरु का सान्निध्य व्यक्ति को सत्य, सेवा, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से गुरु के उपदेशों को जीवन में अपनाने और मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने का आह्वान किया।
मंदिर परिसर में रहा भक्ति और श्रद्धा का वातावरण
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति एवं श्रद्धा का अनुपम वातावरण देखने को मिला। महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। भक्तों ने गुरु वंदना की, आरती में शामिल हुए और गुरु पूर्णिमा के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में सदैव धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के समापन पर सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन ने एक बार फिर गुरु-शिष्य परंपरा की महानता को उजागर किया और समाज को आध्यात्मिक एकता, सेवा और संस्कार का संदेश दिया। गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा का अद्भुत संगम भक्तों के लिए प्रेरणा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अविस्मरणीय अवसर बन गया।





