पंजाब में बिजली कट और अनियमित बिजली आपूर्ति को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को मोहाली में जोरदार प्रदर्शन किया। अकाली दल की ओर से मोहाली डीसी कार्यालय के बाहर रोष धरना दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पंजाब में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को तत्काल राहत देने की मांग की।

यह प्रदर्शन अकाली दल के हलका इंचार्ज एवं जिला प्रधान परविंदर सिंह सोहाना के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पंजाब के कई शहरों, गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे बिजली कटों के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाब में बिजली कट से आम जनता और उद्योग प्रभावित

परविंदर सिंह सोहाना ने कहा कि मोहाली सहित पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में अनियमित बिजली आपूर्ति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि बिजली कटों का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान, व्यापारी और उद्योगपति भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

अकाली दल नेताओं के अनुसार, बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इससे कारोबारियों और उद्योगपतियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।

अकाली दल ने रखी पांच सूत्री मांग

रोष धरने के दौरान शिरोमणि अकाली दल ने सरकार के सामने पांच सूत्री मांग रखी। पार्टी ने मांग की कि गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए जा रहे लंबे बिजली कटों को तुरंत बंद किया जाए।

अकाली दल की प्रमुख मांगों में प्रत्येक क्षेत्र के लिए बिजली कटौती का पूर्व घोषित सार्वजनिक शेड्यूल जारी करना भी शामिल है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में बिजली कटौती आवश्यक हो तो उपभोक्ताओं को पहले से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि लोग अपने जरूरी काम उसी अनुसार व्यवस्थित कर सकें।

इसके अलावा औद्योगिक फीडरों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। पार्टी ने कहा कि उद्योगों के लिए नियमित बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है, क्योंकि बार-बार बिजली जाने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है और कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ता है।

खराब ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनें बदलने की मांग

अकाली दल ने खराब ट्रांसफार्मरों और बिजली लाइनों को तत्काल बदलने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं का कहना था कि जहां तकनीकी खराबियों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है, वहां संबंधित विभाग को बिना देरी किए मरम्मत और आवश्यक बदलाव करने चाहिए।

इसके साथ ही बिजली कटों से प्रभावित उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए उचित राहत व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।

बिजली आपूर्ति की दैनिक रिपोर्ट जारी करने की मांग

परविंदर सिंह सोहाना ने कहा कि सरकार को केवल बिजली उपलब्धता से जुड़े आंकड़े जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिला स्तर पर बिजली कटौती और वास्तविक बिजली आपूर्ति की दैनिक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे लोगों को अपने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका

प्रदर्शन के दौरान अकाली दल की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला भी फूंका गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती को लेकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया।

प्रदर्शन के बाद अकाली दल के नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मोहाली के जिला कार्यक्रम अधिकारी निखिल अरोड़ा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बिजली कटौती की समस्या का समाधान करने, नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों को राहत देने की मांग की गई।

अकाली दल का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी ने बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि लोगों, किसानों और उद्योगों से जुड़ी बिजली समस्याओं के समाधान के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

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