
हिसार: अनंतश्री विभूषित जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी के पावन सान्निध्य में 25 अक्टूबर 2026 को सायं 4 बजे अग्रोहा धाम, हिसार में प्रभु कृपा दुख निवारण समागम का आयोजन किया जाएगा। समागम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन में हरियाणा सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
समागम में श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति को देखते हुए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। मंच निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था की जा रही है। आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में बड़े-बड़े होर्डिंग, स्वागत द्वार तथा झंडियां लगाई जा रही हैं, ताकि समागम का वातावरण भक्तिमय बनाया जा सके।
प्रभु कृपा दुख निवारण समागम के लिए विशेष तैयारियां
आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समागम तक आने वाले मार्गों पर जगह-जगह दिशा-निर्देश पट्टिकाएं लगाई जा रही हैं। भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम से जुड़े आयोजकों और सेवा समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए बैठने, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह समागम धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक विचारों और सनातन संस्कृति के संदेश को आगे बढ़ाने का अवसर बनेगा।
धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना
प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों तथा सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के भी कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है।
आयोजकों का कहना है कि समागम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक विचारों से जुड़ने और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं में उत्सुकता देखी जा रही है।
सनातन संस्कृति और धर्म के प्रचार-प्रसार पर जोर
जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी जी सनातन संस्कृति और धर्म से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुयायी उनके प्रवचनों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर मार्गदर्शन प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं।
आयोजकों के अनुसार, इस समागम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं आध्यात्मिक विचारों से जोड़ना तथा भारतीय परंपराओं और संस्कृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश सुनने और गुरुजी के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
असाध्य रोगों से छुटकारा: आयोजकों ने बताई आध्यात्मिक पद्धति की महत्ता
सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि जगद्गुरु श्री कुमार स्वामी जी के कार्यक्रमों में आध्यात्मिक साधना और बीज मंत्रों से संबंधित विषयों पर विशेष जोर दिया जाता है। उनके अनुयायी इन पद्धतियों को आस्था और आध्यात्मिक विश्वास से जोड़कर देखते हैं।
आयोजकों ने दावा किया कि जगद्गुरु श्री कुमार स्वामी जी को ब्रिटिश संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में सम्मानित किया गया था और बीज मंत्रों को मान्यता प्रदान की गई थी। इस दावे तथा सम्मान के आधिकारिक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित संस्थागत अभिलेखों से की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य संबंधी गंभीर और असाध्य रोगों के उपचार के लिए योग्य चिकित्सकों की सलाह तथा प्रमाणित चिकित्सा पद्धतियों का पालन आवश्यक है। किसी भी आध्यात्मिक पद्धति को चिकित्सा उपचार का प्रमाणित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
25 अक्टूबर को अग्रोहा धाम में होगा धार्मिक समागम
हिसार के अग्रोहा धाम में 25 अक्टूबर 2026 को सायं 4 बजे आयोजित होने वाला प्रभु कृपा दुख निवारण समागम श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन होगा। आयोजक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे आयोजन स्थल पर पहुंचने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्थाओं में सहयोग दें। आयोजकों को उम्मीद है कि आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर समागम में भाग लेंगे।
