जालंधर (गोपाल महेन्द्रू ) : श्री देवी तालाब मंदिर की मर्यादा भंग मामले को लेकर पंजाब सहित पूरे क्षेत्र के संत समाज, हिंदू संगठनों और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में हाल ही में हुई झड़प, पथराव और मंदिर परिसर की गरिमा भंग करने की घटना के विरोध में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, मंदिर कमेटियों के प्रतिनिधि, ब्राह्मण समाज और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एकजुट होकर पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

श्री देवी तालाब मंदिर की मर्यादा भंग मामले में सौंपा गया ज्ञापन

श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रतिनिधिमंडल में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए धार्मिक संगठनों ने भाग लिया। पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मंदिर परिसर में हुई हिंसक घटना ने श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। ज्ञापन में मांग की गई कि पथराव, तोड़फोड़, दहशत फैलाने और मंदिर की पवित्रता भंग करने वाले सभी आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थल की गरिमा से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग

संत समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माता श्री त्रिपुरमालिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि मंदिर परिसर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त पुलिस बल, नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही धार्मिक स्थलों की बेअदबी या मर्यादा भंग से जुड़े मामलों में कठोर कानून लागू करने की भी मांग उठाई गई।

संत समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

श्री देवी तालाब मंदिर की मर्यादा भंग मामले पर संत समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

संतों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज और प्रशासन का साझा दायित्व है। इसलिए दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए धार्मिक और सामाजिक संगठन

इस अवसर पर श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान शीतल विज, महासचिव राजेश विज, वरिष्ठ उपप्रधान ललित गुप्ता, कैशियर पविंदर बहल सहित शहर की 400 से अधिक मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी, संत समाज, ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि धार्मिक आस्था और मंदिरों की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई।

निष्कर्ष

देवी तालाब मंदिर की मर्यादा भंग मामले ने पूरे धार्मिक समाज को एकजुट कर दिया है। संत समाज, हिंदू संगठन और सैकड़ों मंदिर कमेटियों ने प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को मजबूत कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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