जालंधर (नोनू मेहरा ) : मां बगलामुखी हवन यज्ञ का भव्य आयोजन दामोरिया पुल स्थित शहीद-ए-आज़म भगत सिंह पार्क में स्वामी सिकंदर चैरिटेबल सोसाइटी एवं अखिल भारतीय दुर्गा सेना संगठन के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस पावन धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति और जनकल्याण की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।

मां बगलामुखी हवन यज्ञ वैदिक विधि-विधान से हुआ संपन्न

यह मां बगलामुखी हवन यज्ञ श्री श्री 108 महाराज स्वामी सिकंदर जी एवं गुरु मां नीरज रत्न सिकंदर जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में, मां बगलामुखी जी की पावन ज्योत की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण, देवी-देवताओं के आह्वान तथा विधिवत अग्नि प्रज्वलन के साथ हुआ।

श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। कार्यक्रम के अंत में मां बगलामुखी की आरती की गई तथा सभी श्रद्धालुओं ने देश, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामना की।

भक्ति-रस से सराबोर रहा पूरा वातावरण

मां बगलामुखी हवन यज्ञ के दौरान महिला संकीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजन एवं संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु “जय मां बगलामुखी” के जयकारों के साथ भक्ति में लीन रहे और माता की महिमा का गुणगान करते रहे। पूरे आयोजन के दौरान आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मां बगलामुखी हवन यज्ञ का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में मां बगलामुखी हवन यज्ञ का विशेष महत्व माना जाता है। मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं और उनकी उपासना शत्रु बाधा, नकारात्मक शक्तियों, भय, संकट एवं विघ्नों से रक्षा करने वाली मानी जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां बगलामुखी की आराधना और हवन यज्ञ करने से मानसिक शांति, आत्मबल, साहस, सकारात्मक ऊर्जा तथा परिवार में सुख-समृद्धि का संचार होता है। इसके साथ ही यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है और समाज में धर्म, सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना तथा सकारात्मक सोच का विस्तार होता है।

श्रद्धालुओं में वितरित किया गया प्रसाद

मां बगलामुखी हवन यज्ञ के समापन के बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर मोहित जैन, राघव मागो, रंजीत सिंह, गैरी गाबा, शंकर दास, रमेश मेशी, सतपाल, मीना जैन, नीलम वोहरा, राधा अरोड़ा, पूजा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, बलजीत कौर, शांति देवी, सुखविंदर कौर, सिमरन कौर, मंजू महाजन, संगीता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

धार्मिक आयोजनों से बढ़ता है सामाजिक सद्भाव

उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि मां बगलामुखी हवन यज्ञ जैसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे, सेवा भावना और सद्भाव को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

उन्होंने कहा कि नियमित रूप से आयोजित होने वाले हवन यज्ञ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा लोगों को धर्म, सेवा और संस्कारों के प्रति प्रेरित करते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक समरसता मजबूत होती है और सभी वर्गों के लोग एक मंच पर आकर राष्ट्र, समाज और मानवता के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।

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